खुद को उन्होंने हम सब में समां दिया
वो तप में रमें थे
हम सब को जप में
रमा दिया ।
खुद को उन्होंने…….।।
बोहत कुछ उन्होंने देखा और लिखा भी
जाते समय पूर्णच्छेद नेही
कमा दे दिया,
खुद को उन्होंने….।।
सबने कुछ नेही बहुत कुछ खोया
उन्होंने बहुतों में
सब लुटा दिया ।
खुद को उन्होंने….।।
उन्होंने हमे रोशन किया
हम अँधेरे में थे
ज्ञानमय प्रदीप जलाया
ज्योत से ज्योत को जलना सिखाया।
खुद को उन्होंने…..।।
12:19pm 13/11/2019
मुकुंद देव