#मैंने_देखा
आज मैने देखा
अंधेरों को जाते हुए
उजालों की स्वागत में
प्रकृति को गाते हुए…।।
मैने देखा
बंद दीवारों से बाहर
निकलते हुए,
उजालों की खुशी
और अंधेरों को रोते हुए…।।
मैने देखा
अंधेरों में डूबे हुए
चारों और से घिरे हुए
जीवन से जो डरे हुए,
प्रकृति के
बोल, उजालों से
उन्हें जगते हुए,
मैंने देखा
मुझे और आपको
प्रकृति जगाते हुए…।।
#मुकुंददेव
१२.०७.२०१८