समय समय से बह
रहा है,
पर, आपके साथ बीता समय
ठहर गया है….।
न जाने किस डोर में बंधे हेैं
जो नहीं हैं वह दोहरा रहा हैं….।
समय समय से……!!
समय हैं पर मेैं नहीं हूँ
समय से दूर और कहीं हूँ…..।
वह समय भी समय ही था
जो अब भी मुझमें गुज़र रहा हैं…..।
समय समय……!!
१६/०९/२०१९
~मुकुंद देव